आंखों को खराब होने से बचाना है, तो कभी ना करें ये गलतियां

आंखें मनुष्य के जीवन का वह हिस्सा या अंग हैं, जिसके बिना हमारे जीवन में अंधेरा छा जाता है। आंखों के बिना मनुष्य का यह जीवन निरर्थक हो जाता है क्योंकि प्रकृति में उपस्थित किसी भी वस्तु को नहीं देख पाता है।
आपने महसूस किया होगा कि बिना आंखों के हमारी जिंदगी कैसी रहती होगी। क्योंकि जिन व्यक्तियों के पास आंखें नहीं होती हैं वे उसे अच्छे से समझ सकते हैं। उनको जीवन में उन्हें बहुत ही तकलीफों का सामना करना पड़ता है। बिना आंखों के हमारे जीवन में अंधेरा सा छाया रहता है। हम किसी भी वस्तु को देख नहीं सकते हैं, केवल उसे महसूस ही कर सकते हैं। लेकिन आजकल के युवा बगैर आंखों की परवाह किए बहुत सी गलतियां करते हैं, जिसके कारण आंखें खराब होने की संभावना बहुत बढ़ गई है तो आइए जान लेते हैं कि आंखों को खराब होने से बचाने के लिए कौनसी गलतियां नहीं करनी चाहिए।                                                                                                                                                                            
कंप्यूटर और मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल-
आज के युग में दुनिया दिन प्रतिदिन डिजिटल होने जा रही है जिसमें हर व्यक्ति के पास मोबाइल उपलब्ध है तथा वह इंटरनेट से भी जुड़ा होता है। जिसके कारण वह रात-दिन मोबाइल का इस्तेमाल करता है जो हमारी आंखों के लिए बेहद ही खतरनाक होता है। क्योंकि मोबाइल से निकलने वाली रोशनी हमारी आंखों के लिए नुकसानदायक होती है। हमारी आंखें इस रोशनी को ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं कर पाती।जिसके कारण हमारी आंखों में पानी आने लगता है। अगर हम रोजाना मोबाइल का इस्तेमाल कई घंटे तक करते हैं तो हम अपनी आंखों को भी खो सकते हैं इसलिए हमें थोड़े समय तक ही मोबाइल का प्रयोग करना चाहिए।
नींद की कमी-
मनुष्य अपनी दौड़ भरी जिंदगी में बहुत व्यस्त होता है जिसके कारण वह सही समय पर अपनी नींद की पूर्ति नहीं कर पाता है। यह भी आंखों के खराब होने का एक प्रमुख कारण होता है और बहुत से लोग यह गलतियां नित्य दोहराते हैं। नींद की कमी के कारण हमारी आंखों पर दबाव बढ़ता है जिसके कारण आंखों की रोशनी कम होने का खतरा बनता है।
माइग्रेन संबंधी समस्याएं-
आज माइग्रेन एक बहुत ही भयंकर बीमारी बन चुकी है। पोलूशन, डिप्रेशन इत्यादि के कारण माइग्रेन की बीमारी उत्पन्न होती है। जिसमें हमारी आंखों के पास एक नस फूलती है और उसमें से एक द्रव्य स्रावित होता है। जो आंखों की रोशनी छीन सकता है। अतः माइग्रेन संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर पेन किलर का उपयोग करने की बजाय इस समस्या का इलाज करवाना चाहिए ताकि आंखों की रोशनी को बचाया जा सके।

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